जस्टो ने पुणे में अपना कारोबार बढ़ाने के लिए हसलविन का अधिग्रहण किया; इससे रेवेन्यू में सालाना 20 करोड़ रुपये से अधिक बढ़ोतरी की उम्मीद

मुंबई, 18 दिसंबर, 2025: रियल एस्टेट के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी की मदद से बिक्री, मार्केटिंग और परियोजनाओं को पूरा करने वाले प्लेटफॉर्म, जस्टो रियलफिनटेक लिमिटेड ने सुनियोजित तरीके से पुणे की कंपनी, हसलविन के अधिग्रहण की घोषणा की। हसलविन की स्थापना साल 2022 में हुई, जो पुणे में सबसे तेजी से विकसित होने वाले एग्जीक्यूशन प्लेटफॉर्म में से एक के तौर पर उभरकर सामने आया है। कंपनी ने 1,000 से ज़्यादा फ्लैट की बिक्री की है, जिससे कुल मिलाकर ₹900 करोड़ से अधिक की बिक्री हुई है। इस तरह, हसलविन ने PMC तथा PCMC में 10 लाख वर्ग फीट से अधिक जगह की बिक्री की है। दोनों कंपनियों के इस जुड़ाव के बाद, जमीनी स्तर पर हसलविन की शानदार कामकाजी क्षमता जस्टो के मजबूत डिलीवरी फ्रेमवर्क का हिस्सा बन जाएगी, और उम्मीद है कि वित्त-वर्ष 27 से जस्टो के सालाना रेवेन्यू में ₹20 करोड़ से ज़्यादा की बढ़ोतरी होगी।

इस अधिग्रहण के तहत, हसलविन की सेल्स, मार्केटिंग एवं एग्जीक्यूशन टीम में सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाले 25 प्रोफेशनल अब जस्टो के साथ जुड़ जाएँगे, जिससे पुणे और आस-पास के छोटे बाजारों में जस्टो की पकड़ और मज़बूत होगी। इस बदलाव से जस्टो को पुणे में चल रहे चार रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स का काम संभालने के साथ-साथ भविष्य में आने वाले कई बेहतरीन प्रोजेक्ट्स को भी पूरा करने का मौका मिलेगा।

पुष्पेंद्र राठौर, हसलविन के सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जिन्हें पुणे के रेजिडेंशियल एवं कमर्शियल बाजारों का काफी अनुभव है, और उन्होंने रियल एस्टेट सेल्स की कमान संभालने वाले लीडर के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। वे जस्टो में एडिशनल मार्केट हेड – पुणे एंड इमर्जिंग मार्केट्स, के तौर पर शामिल हुए हैं। 99 Rएकर्स और रिलेशन रियलटेक में बड़े पदों पर काम करते हुए, उन्होंने पुणे के मुख्य छोटे बाजारों में 50 से ज़्यादा प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में योगदान दिया है। पुष्पेंद्र, जस्टो के सेल्स एंड मार्केटिंग डायरेक्टर, नितिन परदेशी को रिपोर्ट करेंगे, साथ ही वे संदीप कुलकर्णी और विशाल थिगले जैसे दूसरे मार्केट हेड के साथ मिलकर काम करेंगे। धीरे-धीरे पुणे, नागपुर, रायपुर और इंदौर में जस्टो की मौजूदगी का दायरा बढ़ेगा, और अंत में वे जस्टो के पुणे में मौजूद 350 से ज़्यादा कर्मचारी में 80 से ज़्यादा सदस्यों की टीम का नेतृत्व करेंगे।


इस मौके पर जस्टो रियलफिनटेक लिमिटेड के संस्थापक एवं सीएमडी, पुष्पमित्र दास ने कहा, “यह अधिग्रहण ऐसे बाजार में हमारी कामकाजी क्षमता को और मज़बूत करता है, जो रणनीतिक तौर पर हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हसलविन के जमीनी स्तर के अनुभव और छोटे बाजारों की बेहतर समझ से हमारे प्लेटफॉर्म को काफी मज़बूती मिली है। पुष्पेंद्र के हमारे साथ जुड़ने से, हम अपने काम के आधार पर होने वाली प्रगति के लिए एक ऐसा इंजन बना रहे हैं, जो अधिक संगठित हो, साथ ही उसे आसानी से बढ़ाया जा सके। हम मुंबई और पुणे में अपनी पकड़ को और मज़बूत करने, तथा अपनी मौजूदगी को बढ़ाने के लिए इसी तरह के और मौकों की भी तलाश कर रहे हैं।”

चर्चा को आगे बढ़ाते हुए पुष्पेंद्र राठौड़ ने कहा, “मुझे जस्टो परिवार का हिस्सा बनकर बहुत खुशी हो रही है। इस जुड़ाव के बाद, एग्जीक्यूशन के मामले में हसलविन की कामकाजी क्षमता और जस्टो के बड़े संगठन तथा टेक्नोलॉजी फ्रेमवर्क की शानदार जुगलबंदी सामने आएगी। सेल्स को लगातार बढ़ाना, डेवलपर्स के साथ साझेदारी को मज़बूत बनाना, और नए बाज़ारों में विस्तार करना हमारी पहली प्राथमिकता है।”

इस अधिग्रहण के बाद, जमीनी स्तर का शानदार अनुभव रखने वाली लीडरशिप, डेवलपर्स के साथ मज़बूत रिश्तों और समय पर काम पूरा करने के ट्रैक रिकॉर्ड वाले फ्रेमवर्क के एकजुट होने से जस्टो की कामकाजी क्षमता में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद संभाले जाने वाले प्रोजेक्ट्स, पहले से जारी कामों और आने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स की वजह से काम का दायरा काफी बढ़ गया है, जिसके चलते नए मैंडेट पोर्टफोलियो से सालाना लगभग ₹800 से ₹1,000 करोड़ के कारोबार की उम्मीद है। इस तरह, जस्टो के पहले से मौजूद लगभग ₹2,000 करोड़ के कुल कारोबार के साथ रेवेन्यू में बढ़ोतरी की संभावना भी मज़बूत हुई है।