इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने के बाद हर टैक्सपेयर की सबसे बड़ी उम्मीद रहती है—जल्दी से जल्दी रिफंड मिल जाए। लेकिन 2025 में कई करदाताओं को ITR Refund Delay का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यह समझना बेहद ज़रूरी है कि रिफंड में देरी क्यों होती है, किन परिस्थितियों में देरी अधिक बढ़ सकती है, और इसे तेज़ करने के लिए आप क्या उपाय अपना सकते हैं।
ITR Refund 2025 में देरी के प्रमुख कारण
- बैंक अकाउंट प्री-वेरिफिकेशन में समस्या
इनकम टैक्स विभाग उन्हीं खातों में रिफंड भेजता है जो प्री-वेरिफाइड और ECS-enabled हों। किसी भी तरह की तकनीकी त्रुटि या गलत विवरण रिफंड को रोक सकता है।
- ITR और AIS/TIS डेटा में मिसमैच
यदि ITR में दिखाया गया इनकम या TDS, AIS (Annual Information Statement) या TIS से मेल नहीं खाता, तो सिस्टम केस को मैन्युअल वेरिफिकेशन के लिए रोक देता है, जिससे रिफंड में देरी हो जाती है।
- ITR प्रोसेसिंग में बैकलॉग
2025 में नए सिस्टम अपडेट और बढ़ते रिटर्न वॉल्यूम की वजह से प्रोसेसिंग स्पीड प्रभावित हो सकती है। ऐसे समय में रिफंड प्रोसेसिंग में कुछ दिनों से लेकर कई हफ्तों की देरी संभव है।
- गलत TDS एंट्री या टैक्स की डुप्लीकेट क्लेमिंग
यदि आपने TDS क्लेम गलत भर दिया है, या किसी विशेष सेक्शन में गलत कटौती दर्ज की है, तो विभाग को अतिरिक्त जाँच करनी पड़ती है।
- ITR Verification में देर
भले ही आपने रिटर्न समय पर भर दिया हो, लेकिन अगर ITR-V की ई-वेरिफिकेशन आपने समय पर नहीं की, तो प्रोसेसिंग शुरू ही नहीं होती।
रिफंड में देरी होने पर क्या करें?
- ITR Status चेक करें
इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर “Know Your Refund Status” और “ITR Processing Status” देखें। इससे पता चलेगा मामला किस स्टेज पर अटका है।
- बैंक अकाउंट की प्री-वेरिफिकेशन दोबारा करें
यदि स्टेटस में “refund failure” दिख रहा है, तो अपने अकाउंट को फिर से प्री-वेरिफाई करना आवश्यक है।
- AIS/TIS को दोबारा चेक करें
किसी भी मिसमैच को ठीक करने के लिए आपको Revised ITR फाइल करनी पड़ सकती है।
- CPC Bangalore से संपर्क करें
अगर आपकी प्रोसेसिंग असामान्य रूप से लंबी चल रही है, तो CPC हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं या e-filing पोर्टल के माध्यम से grievance दर्ज करा सकते हैं।
- Grievance Redressal Mechanism का उपयोग करें
‘e-Nivaran’ सेक्शन में शिकायत दर्ज करके आप अपनी प्रोसेसिंग को तेज़ करने का अनुरोध कर सकते हैं।
2025 में टैक्सपेयर्स के लिए महत्वपूर्ण टिप्स
- ITR फाइल करने से पहले Form 26AS, AIS और TIS का डेटा अवश्य मिलान करें।
- अत्यधिक कटौतियों और गलत TDS क्लेम से बचें।
- रिफंड प्राप्त होने तक बैंक अकाउंट एक्टिव रखें।
- SMS और ईमेल अलर्ट को ध्यान से पढ़ें ताकि किसी भी विभागीय नोटिस का तुरंत जवाब दे सकें।
निष्कर्ष
ITR रिफंड 2025 में देरी आम बात है, लेकिन सही डॉक्यूमेंटेशन, समय पर वेरिफिकेशन और पोर्टल पर नियमित स्टेटस चेक करके आप अपनी प्रोसेसिंग को तेज़ करा सकते हैं। सरकार और ITD लगातार सिस्टम को अपडेट कर रहे हैं, जिससे आने वाले महीनों में रिफंड प्रोसेसिंग और तेज़ होने की उम्मीद है।
अगर आपका रिफंड अभी तक नहीं आया है, तो घबराएं नहीं—उचित कदम उठाकर आप प्रक्रिया को सरल बना सकते हैं।